हम सब लोगोंके सिरपर वह सर्वसमर्थ काल मँडराने लगा है, जिसके टालनेका कहीं भी कोई उपाय नहीं है॥ १९॥✎ 8990
प्रतिक्रिया न यस्येह कुतश्चित्कर्हिचित्प्रभो।
स एव भगवान् कालः सर्वेषां नः समागतः॥ १९
हम सब लोगोंके सिरपर वह सर्वसमर्थ काल मँडराने लगा है, जिसके टालनेका कहीं भी कोई उपाय नहीं है॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.13.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 141) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/1/13/19/