rudantyaśrumukhā gāvo na hṛṣyantyṛṣabhā vraje|| 19
अर्थ
बछड़े दूध नहीं पीते, गौएँ दुहने नहीं देतीं, गोशालामें गौएँ आँसू बहा-बहाकर रो रही हैं। बैल भी उदास हो रहे हैं॥ १९॥✎ 93
न पिबन्ति स्तनं वत्सा न दुह्यन्ति च मातरः।
रुदन्त्यश्रुमुखा गावो न हृष्यन्त्यृषभा व्रजे॥ १९
बछड़े दूध नहीं पीते, गौएँ दुहने नहीं देतीं, गोशालामें गौएँ आँसू बहा-बहाकर रो रही हैं। बैल भी उदास हो रहे हैं॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.14.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 147) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/1/14/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)