॥ श्रीहरिः ॥
स एव जीवलोकस्य मायामोहितचेतसः।
विधत्से स्वेन वीर्येण श्रेयो धर्मादिलक्षणम्॥ २४
sa eva jīvalokasya māyāmohitacetasaḥ|
vidhatse svena vīryeṇa śreyo dharmādilakṣaṇam|| 24
अर्थ
वही तुम अपने प्रभावसे माया-मोहित जीवोंके लिये धर्मादिरूप कल्याणका विधान करते हो॥ २४॥
स एव जीवलोकस्य मायामोहितचेतसः।
विधत्से स्वेन वीर्येण श्रेयो धर्मादिलक्षणम्॥ २४
वही तुम अपने प्रभावसे माया-मोहित जीवोंके लिये धर्मादिरूप कल्याणका विधान करते हो॥ २४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.7.24 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 109) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/1/7/24/