जब भगवान् श्रीकृष्ण जाने लगे, तब ब्रह्मास्त्रकी ज्वालासे मुक्त अपने पुत्रोंके और द्रौपदीके साथ सती कुन्तीने भगवान् श्रीकृष्णकी इस प्रकार स्तुति की॥ १७॥
ब्रह्मतेजोविनिर्मुक्तैरात्मजैः सह कृष्णया।
प्रयाणाभिमुखं कृष्णमिदमाह पृथा सती॥ १७
जब भगवान् श्रीकृष्ण जाने लगे, तब ब्रह्मास्त्रकी ज्वालासे मुक्त अपने पुत्रोंके और द्रौपदीके साथ सती कुन्तीने भगवान् श्रीकृष्णकी इस प्रकार स्तुति की॥ १७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 1.8.17 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 114) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/1/8/17/