श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.9.2

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 9 · अथ नवमोऽध्यायः

तदा ते भ्रातरः सर्वे सदश्वैः स्वर्णभूषितैः।

अन्वगच्छन् रथैर्विप्रा व्यासधौम्यादयस्तथा॥ २

tadā te bhrātaraḥ sarve sadaśvaiḥ svarṇabhūṣitaiḥ|

anvagacchan rathairviprā vyāsadhaumyādayastathā|| 2

अर्थ

शौनकादि ऋषियो! उस समय उन सब भाइयोंने स्वर्णजटित रथोंपर, जिनमें अच्छे-अच्छे घोड़े जुते हुए थे, सवार होकर अपने भाई युधिष्ठिरका अनुगमन किया। उनके साथ व्यास, धौम्य आदि ब्राह्मण भी थे॥ २॥

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