श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 1.9.49

प्रथम स्कन्ध · अध्याय 9 · अथ नवमोऽध्यायः

पित्रा चानुमतो राजा वासुदेवानुमोदितः।

चकार राज्यं धर्मेण पितृपैतामहं विभुः॥ ४९

pitrā cānumato rājā vāsudevānumoditaḥ|

cakāra rājyaṃ dharmeṇa pitṛpaitāmahaṃ vibhuḥ|| 49

अर्थ

फिर धृतराष्ट्रकी आज्ञा और भगवान् श्रीकृष्णकी अनुमतिसे समर्थ राजा युधिष्ठिर अपने वंशपरम्परागत साम्राज्यका धर्मपूर्वक शासन करने लगे॥ ४९॥✎ 74

इति श्रीमद्भागवते महापुराणे पारमहंस्यां संहितायां प्रथमस्कन्धे
युधिष्ठिरराज्यप्रलम्भो नाम नवमोऽध्यायः॥ ९॥

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #74 शब्दोंके बीचका स्थान: ४५॥शौनकजी! → ४५॥ शौनकजी!

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