श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.1.3

दशम स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

अवतीर्य यदोर्वंशे भगवान् भूतभावनः।

कृतवान् यानि विश्‍वात्मा तानि नो वद विस्तरात्॥ ३

avatīrya yadorvaṃśe bhagavān bhūtabhāvanaḥ|

kṛtavān yāni viśvātmā tāni no vada vistarāt|| 3

अर्थ

भगवान् श्रीकृष्ण समस्त प्राणियोंके जीवनदाता एवं सर्वात्मा हैं। उन्होंने यदुवंशमें अवतार लेकर जो-जो लीलाएँ कीं, उनका विस्तारसे हमलोगोंको श्रवण कराइये॥ ३॥

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