वसुदेवजी! आप इस नन्हे-से सुकुमार बालकको ले जाइये। इससे मुझे कोई भय नहीं है। क्योंकि आकाशवाणीने तो ऐसा कहा था कि देवकीके आठवें गर्भसे उत्पन्न सन्तानके द्वारा मेरी मृत्यु होगी॥ ६०॥
प्रतियातु कुमारोऽयं न ह्यस्मादस्ति मे भयम्।
अष्टमाद् युवयोर्गर्भान्मृत्युर्मे विहितः किल॥ ६०
वसुदेवजी! आप इस नन्हे-से सुकुमार बालकको ले जाइये। इससे मुझे कोई भय नहीं है। क्योंकि आकाशवाणीने तो ऐसा कहा था कि देवकीके आठवें गर्भसे उत्पन्न सन्तानके द्वारा मेरी मृत्यु होगी॥ ६०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.1.60 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 127) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/1/60/