उग्रसेनं च पितरं यदुभोजान्धकाधिपम्।
स्वयं निगृह्य बुभुजे शूरसेनान् महाबलः॥ ६९
कंस बड़ा बलवान् था। उसने यदु, भोज और अन्धक वंशके अधिनायक अपने पिता उग्रसेनको कैद कर लिया और शूरसेन-देशका राज्य वह स्वयं करने लगा॥ ६९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.1.69 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 128) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/1/69/