श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.11.14

दशम स्कन्ध · अध्याय 11 · अथैकादशोऽध्यायः

क्रीडन्तं सा सुतं बालैरतिवेलं सहाग्रजम्।

यशोदाजोहवीत् कृष्णं पुत्रस्नेहस्नुतस्तनी॥ १४

krīḍantaṃ sā sutaṃ bālairativelaṃ sahāgrajam|

yaśodājohavīt kṛṣṇaṃ putrasnehasnutastanī|| 14

अर्थ

श्रीकृष्ण और बलराम ग्वालबालकोंके साथ बहुत देरसे खेल रहे थे, यशोदाजीने जाकर उन्हें पुकारा। उस समय पुत्रके प्रति वात्सल्यस्नेहके कारण उनके स्तनोंमेंसे दूध चुचुआ रहा था॥ १४॥✎ 1413

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1413 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): माँका → माका

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