श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.16.13

दशम स्कन्ध · अध्याय 16 · अथ षोडशोऽध्यायः

तानालक्ष्य भयोद्वि‌ग्‍ना गोपा नन्दपुरोगमाः।

विना रामेण गाः कृष्णं ज्ञात्वा चारयितुं गतम्॥ १३

tānālakṣya bhayodvignā gopā nandapurogamāḥ|

vinā rāmeṇa gāḥ kṛṣṇaṃ jñātvā cārayituṃ gatam|| 13

अर्थ

नन्दबाबा आदि गोपोंने पहले तो उन अशकुनोंको देखा और पीछेसे यह जाना कि आज श्रीकृष्ण बिना बलरामके ही गाय चराने चले गये। वे भयसे व्याकुल हो गये॥ १३॥

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