श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.17.11

दशम स्कन्ध · अध्याय 17 · अथ सप्तदशोऽध्यायः

अत्र प्रविश्य गरुडो यदि मत्स्यान् स खादति।

सद्यः प्राणैर्वियुज्येत सत्यमेतद् ब्रवीम्यहम्॥ ११

atra praviśya garuḍo yadi matsyān sa khādati|

sadyaḥ prāṇairviyujyeta satyametad bravīmyaham|| 11

अर्थ

‘यदि गरुड फिर कभी इस कुण्डमें घुसकर मछलियोंको खायेंगे, तो उसी क्षण प्राणोंसे हाथ धो बैठेंगे। मैं यह सत्य-सत्य कहता हूँ’॥ ११॥

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