श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.26.18

दशम स्कन्ध · अध्याय 26 · अथ षड्विंशोऽध्यायः

बहूनि सन्ति नामानि रूपाणि च सुतस्य ते।

गुणकर्मानुरूपाणि तान्यहं वेद नो जनाः॥ १८

bahūni santi nāmāni rūpāṇi ca sutasya te|

guṇakarmānurūpāṇi tānyahaṃ veda no janāḥ|| 18

अर्थ

तुम्हारे पुत्रके गुण और कर्मोंके अनुरूप और भी बहुत-से नाम हैं तथा बहुत-से रूप। मैं तो उन नामोंको जानता हूँ, परन्तु संसारके साधारण लोग नहीं जानते॥ १८॥

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