जब मनस्वी कंसने देखा कि मेरे मृत्युरूप भगवान् श्रीकृष्ण सामने आ गये, तब वह सहसा अपने सिंहासनसे उठ खड़ा हुआ और हाथमें ढाल तथा तलवार उठा ली॥ ३५॥
तमाविशन्तमालोक्य मृत्युमात्मन आसनात्।
मनस्वी सहसोत्थाय जगृहे सोऽसिचर्मणी॥ ३५
जब मनस्वी कंसने देखा कि मेरे मृत्युरूप भगवान् श्रीकृष्ण सामने आ गये, तब वह सहसा अपने सिंहासनसे उठ खड़ा हुआ और हाथमें ढाल तथा तलवार उठा ली॥ ३५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.44.35 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 406) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/44/35/