vijñāya tad vidhāsyāmo yathā śaṃ suhṛdāṃ bhavet|| 35
अर्थ
इसलिये आप वहाँ जाइये और मालूम कीजिये कि उनकी स्थिति अच्छी है या बुरी। आपके द्वारा उनका समाचार जानकर मैं ऐसा उपाय करूँगा, जिससे उन सुहृदोंको सुख मिले’॥ ३५॥
गच्छ जानीहि तद्वृत्तमधुना साध्वसाधु वा।
विज्ञाय तद् विधास्यामो यथा शं सुहृदां भवेत्॥ ३५
इसलिये आप वहाँ जाइये और मालूम कीजिये कि उनकी स्थिति अच्छी है या बुरी। आपके द्वारा उनका समाचार जानकर मैं ऐसा उपाय करूँगा, जिससे उन सुहृदोंको सुख मिले’॥ ३५॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.48.35 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 440) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/48/35/