श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.51.13

दशम स्कन्ध · अध्याय 51 · अथैकपञ्चाशत्तमोऽध्यायः

राजोवाच

को नाम स पुमान् ब्रह्मन् कस्य किंवीर्य एव च।

कस्माद् गुहां गतः शिश्ये किन्तेजो यवनार्दनः॥ १३

ko nāma sa pumān brahman kasya kiṃvīrya eva ca|

kasmād guhāṃ gataḥ śiśye kintejo yavanārdanaḥ|| 13

अर्थ

राजा परीक्षित‍्ने पूछा—भगवन्! जिसके दृष्टिपातमात्रसे कालयवन जलकर भस्म हो गया, वह पुरुष कौन था? किस वंशका था? उसमें कैसी शक्ति थी और वह किसका पुत्र था? आप कृपा करके यह भी बतलाइये कि वह पर्वतकी गुफामें जाकर क्यों सो रहा था?॥ १३॥

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