sa tvayā dṛṣṭamātrastu bhasmībhavatu tatkṣaṇāt|| 22
अर्थ
उस समय देवताओंने कह दिया था कि ‘राजन्! सोते समय यदि आपको कोई मूर्ख बीचमें ही जगा देगा तो वह आपकी दृष्टि पड़ते ही उसी क्षण भस्म हो जायगा’॥ २२॥
स्वापं यातं यस्तु मध्ये बोधयेत्त्वामचेतनः।
स त्वया दृष्टमात्रस्तु भस्मीभवतु तत्क्षणात्॥ २२
उस समय देवताओंने कह दिया था कि ‘राजन्! सोते समय यदि आपको कोई मूर्ख बीचमें ही जगा देगा तो वह आपकी दृष्टि पड़ते ही उसी क्षण भस्म हो जायगा’॥ २२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.51.22 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 455) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/51/22/