जिस समय भगवान् श्रीकृष्णके आज्ञानुसार मनुष्यों और बैलोंपर वह धन ले जाया जाने लगा, उसी समय मगधराज जरासन्ध फिर (अठारहवीं बार) तेईस अक्षौहिणी सेना लेकर आ धमका॥ ६॥✎ 1685
नीयमाने धने गोभिर्नृभिश्चाच्युतचोदितैः।
आजगाम जरासन्धस्त्रयोविंशत्यनीकपः॥ ६
जिस समय भगवान् श्रीकृष्णके आज्ञानुसार मनुष्यों और बैलोंपर वह धन ले जाया जाने लगा, उसी समय मगधराज जरासन्ध फिर (अठारहवीं बार) तेईस अक्षौहिणी सेना लेकर आ धमका॥ ६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.52.6 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 461) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/52/6/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)