परीक्षित्! शत्रु-सेनाका प्रबल वेग देखकर भगवान् श्रीकृष्ण और बलराम मनुष्योंकी-सी लीला करते हुए उसके सामनेसे बड़ी फुर्तीके साथ भाग निकले॥ ७॥✎ 1685
विलोक्य वेगरभसं रिपुसैन्यस्य माधवौ।
मनुष्यचेष्टामापन्नौ राजन् दुद्रुवतुर्द्रुतम्॥ ७
परीक्षित्! शत्रु-सेनाका प्रबल वेग देखकर भगवान् श्रीकृष्ण और बलराम मनुष्योंकी-सी लीला करते हुए उसके सामनेसे बड़ी फुर्तीके साथ भाग निकले॥ ७॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.52.7 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 461) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/52/7/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)