इसी प्रकार चेदिनरेश राजा दमघोषने भी अपने पुत्र शिशुपालके लिये मन्त्रज्ञ ब्राह्मणोंसे अपने पुत्रके विवाह-सम्बन्धी मंगलकृत्य कराये॥ १४॥
एवं चेदिपती राजा दमघोषः सुताय वै।
कारयामास मन्त्रज्ञैः सर्वमभ्युदयोचितम्॥ १४
इसी प्रकार चेदिनरेश राजा दमघोषने भी अपने पुत्र शिशुपालके लिये मन्त्रज्ञ ब्राह्मणोंसे अपने पुत्रके विवाह-सम्बन्धी मंगलकृत्य कराये॥ १४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.53.14 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 468) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/53/14/