राजा परीक्षित्ने पूछा—भगवन्! सत्राजित्ने भगवान् श्रीकृष्णका क्या अपराध किया था? उसे स्यमन्तकमणि कहाँसे मिली? और उसने अपनी कन्या उन्हें क्यों दी?॥ २॥
सत्राजितः किमकरोद् ब्रह्मन् कृष्णस्य किल्बिषम्।
स्यमन्तकः कुतस्तस्य कस्माद् दत्ता सुता हरेः॥ २
राजा परीक्षित्ने पूछा—भगवन्! सत्राजित्ने भगवान् श्रीकृष्णका क्या अपराध किया था? उसे स्यमन्तकमणि कहाँसे मिली? और उसने अपनी कन्या उन्हें क्यों दी?॥ २॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.56.2 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 486) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/56/2/