patantī tad vanaṃ sarvaṃ svagandhenādhyavāsayat|| 19
अर्थ
वरुणदेवने अपनी पुत्री वारुणीदेवीको वहाँ भेज दिया था। वह एक वृक्षके खोड़रसे बह निकली। उसने अपनी सुगन्धसे सारे वनको सुगन्धित कर दिया॥ १९॥
वरुणप्रेषिता देवी वारुणी वृक्षकोटरात्।
पतन्ती तद् वनं सर्वं स्वगन्धेनाध्यवासयत्॥ १९
वरुणदेवने अपनी पुत्री वारुणीदेवीको वहाँ भेज दिया था। वह एक वृक्षके खोड़रसे बह निकली। उसने अपनी सुगन्धसे सारे वनको सुगन्धित कर दिया॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.65.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 544) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/65/19/