kiṃ na deyaṃ vadānyānāṃ kaḥ paraḥ samadarśinām|| 19
अर्थ
तितिक्षु पुरुष क्या नहीं सह सकते। दुष्ट पुरुष बुरा-से-बुरा क्या नहीं कर सकते। उदार पुरुष क्या नहीं दे सकते और समदर्शीके लिये पराया कौन है?॥ १९॥
किं दुर्मर्षं तितिक्षूणां किमकार्यमसाधुभिः।
किं न देयं वदान्यानां कः परः समदर्शिनाम्॥ १९
तितिक्षु पुरुष क्या नहीं सह सकते। दुष्ट पुरुष बुरा-से-बुरा क्या नहीं कर सकते। उदार पुरुष क्या नहीं दे सकते और समदर्शीके लिये पराया कौन है?॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.72.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 583) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/72/19/