॥ श्रीहरिः ॥
शब्दः कोलाहलोऽप्यासीत् शिशुपाले हते महान्।
तस्यानुयायिनो भूपा दुद्रुवुर्जीवितैषिणः॥ ४४
śabdaḥ kolāhalo'pyāsīt śiśupāle hate mahān|
tasyānuyāyino bhūpā dudruvurjīvitaiṣiṇaḥ|| 44
अर्थ
शिशुपालके मारे जानेपर वहाँ बड़ा कोलाहल मच गया। उसके अनुयायी नरपति अपने-अपने प्राण बचानेके लिये वहाँसे भाग खड़े हुए॥ ४४॥
शब्दः कोलाहलोऽप्यासीत् शिशुपाले हते महान्।
तस्यानुयायिनो भूपा दुद्रुवुर्जीवितैषिणः॥ ४४
शिशुपालके मारे जानेपर वहाँ बड़ा कोलाहल मच गया। उसके अनुयायी नरपति अपने-अपने प्राण बचानेके लिये वहाँसे भाग खड़े हुए॥ ४४॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.74.44 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 596) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/74/44/