श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.75.22

दशम स्कन्ध · अध्याय 75 · अथ पञ्चसप्ततितमोऽध्यायः

अथ राजाहते क्षौमे परिधाय स्वलंकृतः।

ऋत्विक्सदस्यविप्रादीनानर्चाभरणाम्बरैः॥ २२

atha rājāhate kṣaume paridhāya svalaṃkṛtaḥ|

ṛtviksadasyaviprādīnānarcābharaṇāmbaraiḥ|| 22

अर्थ

तदनन्तर धर्मराज युधिष्ठिरने नयी रेशमी धोती और दुपट्टा धारण किया तथा विविध प्रकारके आभूषणोंसे अपनेको सजा लिया। फिर ऋत्विज्, सदस्य, ब्राह्मण आदिको वस्त्राभूषण दे-देकर उनकी पूजा की॥ २२॥

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