परममनस्वी प्रद्युम्नजीने सेनापतिके साथ ही शाल्वको भी सौ बाण मारे, फिर प्रत्येक सैनिकको एक-एक और सारथियोंको दस-दस तथा वाहनोंको तीन-तीन बाणोंसे घायल किया॥ १९॥
शतेनाताडयच्छाल्वमेकैकेनास्य सैनिकान्।
दशभिर्दशभिर्नेतॄन् वाहनानि त्रिभिस्त्रिभिः॥ १९
परममनस्वी प्रद्युम्नजीने सेनापतिके साथ ही शाल्वको भी सौ बाण मारे, फिर प्रत्येक सैनिकको एक-एक और सारथियोंको दस-दस तथा वाहनोंको तीन-तीन बाणोंसे घायल किया॥ १९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.76.19 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 604) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/76/19/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#1189 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): दशभिर्दशभिर्नेतृन् → दशभिर्दशभिर्नेतॄन्