श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
⌕

॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.76.26

दशम स्कन्ध · अध्याय 76 · अथ षट्सप्ततितमोऽध्यायः

शाल्वामात्यो द्युमान् नाम प्रद्युम्‍नं प्राक्प्रपीडितः।

आसाद्य गदया मौर्व्या२ व्याहत्य व्यनदद् बली॥ २६

śālvāmātyo dyumān nāma pradyumnaṃ prākprapīḍitaḥ|

āsādya gadayā maurvyā vyāhatya vyanadad balī|| 26

अर्थ

परीक्षित्! शाल्वके मन्त्रीका नाम था द्युमान्, जिसे पहले प्रद्युम्‍नजीने पचीस बाण मारे थे। वह बहुत बली था। उसने झपटकर प्रद्युम्‍नजीपर अपनी फौलादी गदासे बड़े जोरसे प्रहार किया और ‘मार लिया, मार लिया’ कहकर गरजने लगा॥ २६॥

टिप्पणियाँ

  1. २

    गुर्व्या।

    (मुद्रित पृष्ठ 605)

पढ़नेकी विधि

अक्षरका आकार
सामान्य
अध्यायमें क्या दिखे
रोमन लिप्यन्तरण (IAST)
पंक्तियोंके बीच
रंग
सहायता

ये विकल्प केवल इसी ब्राउज़रमें रहते हैं; कहीं भेजे नहीं जाते। कुंजियाँ: ?

↑ ↓ चुनें · Enter खोलें · Esc बन्द

कुंजियाँ

←→
पिछला या अगला पृष्ठ (श्लोक, या अध्याय)
/
खोज
CtrlK
किसी अध्याय या श्लोकपर सीधे जाएँ (Mac: ⌘ K)
AltA
पढ़नेकी विधि
?
यह सूची
Esc
खुली सूची बन्द करें