उन्होंने कहा है कि अपने पिताके प्रति अत्यन्त प्रेम रखनेवाले महाबाहु श्रीकृष्ण! शाल्व तुम्हारे पिताको उसी प्रकार बाँधकर ले गया है, जैसे कोई कसाई पशुको बाँधकर ले जाय!’॥ २२॥
कृष्ण कृष्ण महाबाहो पिता ते पितृवत्सल।
बद्ध्वापनीतः शाल्वेन सौनिकेन यथा पशुः॥ २२
उन्होंने कहा है कि अपने पिताके प्रति अत्यन्त प्रेम रखनेवाले महाबाहु श्रीकृष्ण! शाल्व तुम्हारे पिताको उसी प्रकार बाँधकर ले गया है, जैसे कोई कसाई पशुको बाँधकर ले जाय!’॥ २२॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.77.22 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 608) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/77/22/