श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.78.19

दशम स्कन्ध · अध्याय 78 · अथाष्टसप्ततितमोऽध्यायः

पृथूदकं बिन्दुसरस्त्रितकूपं सुदर्शनम्।

विशालं ब्रह्मतीर्थं च चक्रं प्राचीं सरस्वतीम्॥ १९

pṛthūdakaṃ bindusarastritakūpaṃ sudarśanam|

viśālaṃ brahmatīrthaṃ ca cakraṃ prācīṃ sarasvatīm|| 19

अर्थ

वे क्रमशः पृथूदक, बिन्दुसर, त्रितकूप, सुदर्शनतीर्थ, विशालतीर्थ, ब्रह्मतीर्थ, चक्रतीर्थ और पूर्ववाहिनी सरस्वती आदि तीर्थोंमें गये॥ १९॥

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