॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 10.78.3
तं तथाऽऽयान्तमालोक्य गदामादाय सत्वरः।
अवप्लुत्य रथात् कृष्णः सिन्धुं वेलेव प्रत्यधात्॥ ३
taṃ tathā''yāntamālokya gadāmādāya satvaraḥ|
avaplutya rathāt kṛṣṇaḥ sindhuṃ veleva pratyadhāt|| 3
अर्थ
भगवान् श्रीकृष्णने जब उसे इस प्रकार आते देखा, तब झटपट हाथमें गदा लेकर वे रथसे कूद पड़े। फिर जैसे समुद्रके तटकी भूमि उसके ज्वार-भाटेको आगे बढ़नेसे रोक देती है, वैसे ही उन्होंने उसे रोक दिया॥ ३॥