‘भगवन्! जब हम पृथ्वीपर जन्म लें, तब जगदीश्वर भगवान् श्रीकृष्णमें हमारी अनन्य प्रेममयी भक्ति हो—जिस भक्तिके द्वारा संसारमें लोग अनायास ही दुर्गतियोंको पार कर जाते हैं’॥ ४९॥
जातयोर्नौ महादेवे भुवि विश्वेश्वरे हरौ।
भक्तिः स्यात् परमा लोके ययाञ्जो दुर्गतिं तरेत्॥ ४९
‘भगवन्! जब हम पृथ्वीपर जन्म लें, तब जगदीश्वर भगवान् श्रीकृष्णमें हमारी अनन्य प्रेममयी भक्ति हो—जिस भक्तिके द्वारा संसारमें लोग अनायास ही दुर्गतियोंको पार कर जाते हैं’॥ ४९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.8.49 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 180) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/8/49/