श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 10.8.6

दशम स्कन्ध · अध्याय 8 · अथाष्टमोऽध्यायः

त्वं हि ब्रह्मविदां श्रेष्ठः संस्कारान् कर्तुमर्हसि।

बालयोरनयोर्नॄणां जन्मना ब्राह्मणो गुरुः॥ ६✎ 1141

tvaṃ hi brahmavidāṃ śreṣṭhaḥ saṃskārān kartumarhasi|

bālayoranayornṝṇāṃ janmanā brāhmaṇo guruḥ|| 6

अर्थ

आप ब्रह्मवेत्ताओंमें श्रेष्ठ हैं। इसलिये मेरे इन दोनों बालकोंके नामकरणादि संस्कार आप ही कर दीजिये; क्योंकि ब्राह्मण जन्मसे ही मनुष्यमात्रका गुरु है’॥ ६॥

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
  • #1141 अक्षर (मुद्रित पृष्ठके पाठसे): बालयोरनयोर्नृणां → बालयोरनयोर्नॄणां

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