इसके बाद उन लोगोंने भगवान् श्रीकृष्ण, माता देवकी, पिता वसुदेव और बलरामजीको नमस्कार किया। तदनन्तर सबके सामने ही वे देवलोकमें चले गये॥ ५६॥✎ 1719
ते नमस्कृत्य गोविन्दं देवकीं पितरं बलम्।
मिषतां सर्वभूतानां ययुर्धाम दिवौकसाम्॥ ५६
इसके बाद उन लोगोंने भगवान् श्रीकृष्ण, माता देवकी, पिता वसुदेव और बलरामजीको नमस्कार किया। तदनन्तर सबके सामने ही वे देवलोकमें चले गये॥ ५६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.85.56 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 659) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/85/56/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)