॥ श्रीहरिः ॥
प्रसूतिकाल आसन्ने भार्याया द्विजसत्तमः।
पाहि पाहि प्रजां मृत्योरित्याहार्जुनमातुरः॥ ३६
prasūtikāla āsanne bhāryāyā dvijasattamaḥ|
pāhi pāhi prajāṃ mṛtyorityāhārjunamāturaḥ|| 36
अर्थ
प्रसवका समय निकट आनेपर ब्राह्मण आतुर होकर अर्जुनके पास आया और कहने लगा—‘इस बार तुम मेरे बच्चेको मृत्युसे बचा लो’॥ ३६॥
प्रसूतिकाल आसन्ने भार्याया द्विजसत्तमः।
पाहि पाहि प्रजां मृत्योरित्याहार्जुनमातुरः॥ ३६
प्रसवका समय निकट आनेपर ब्राह्मण आतुर होकर अर्जुनके पास आया और कहने लगा—‘इस बार तुम मेरे बच्चेको मृत्युसे बचा लो’॥ ३६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.89.36 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 697) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/89/36/