उन श्रेष्ठ स्त्रियोंमेंसे रुक्मिणी आदि आठ पटरानियों और उनके पुत्रोंका तो मैं पहले ही क्रमसे वर्णन कर चुका हूँ॥ ३०॥
तासां स्त्रीरत्नभूतानामष्टौ याः प्रागुदाहृताः।
रुक्मिणीप्रमुखा राजंस्तत्पुत्राश्चानुपूर्वशः॥ ३०
उन श्रेष्ठ स्त्रियोंमेंसे रुक्मिणी आदि आठ पटरानियों और उनके पुत्रोंका तो मैं पहले ही क्रमसे वर्णन कर चुका हूँ॥ ३०॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.90.30 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 706) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/10/90/30/