महारथी प्रद्युम्नने रुक्मीकी कन्यासे अपना विवाह किया था। उसीके गर्भसे अनिरुद्धजीका जन्म हुआ। उनमें दस हजार हाथियोंका बल था॥ ३६॥
स रुक्मिणो दुहितरमुपयेमे महारथः।
तस्मात् सुतोऽनिरुद्धोऽभून्नागायुतबलान्वितः॥ ३६
महारथी प्रद्युम्नने रुक्मीकी कन्यासे अपना विवाह किया था। उसीके गर्भसे अनिरुद्धजीका जन्म हुआ। उनमें दस हजार हाथियोंका बल था॥ ३६॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 10.90.36 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 706) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/10/90/36/