॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 11.14.4
तेन प्रोक्ता च पुत्राय मनवे पूर्वजाय सा।
ततो भृग्वादयोऽगृह्णन् सप्त ब्रह्ममहर्षयः॥ ४
tena proktā ca putrāya manave pūrvajāya sā|
tato bhṛgvādayo'gṛhṇan sapta brahmamaharṣayaḥ|| 4
अर्थ
ब्रह्माने अपने ज्येष्ठ पुत्र स्वायम्भुव मनुको उपदेश किया और उनसे भृगु, अंगिरा, मरीचि, पुलह, अत्रि, पुलस्त्य और क्रतु—इन सात प्रजापति-महर्षियोंने ग्रहण किया॥ ४॥