श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.16.35

एकादश स्कन्ध · अध्याय 16 · अथ षोडशोऽध्यायः

ब्रह्मण्यानां बलिरहं वीराणामहमर्जुनः।

भूतानां स्थितिरुत्पत्तिरहं वै प्रतिसङ्‌क्रमः॥ ३५

brahmaṇyānāṃ balirahaṃ vīrāṇāmahamarjunaḥ|

bhūtānāṃ sthitirutpattirahaṃ vai pratisaṅkramaḥ|| 35

अर्थ

उद्धवजी! मैं ब्राह्मणभक्तोंमें बलि, वीरोंमें अर्जुन और प्राणियोंमें उनकी उत्पत्ति, स्थिति और प्रलय हूँ॥ ३५॥

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