श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 11.16.39

एकादश स्कन्ध · अध्याय 16 · अथ षोडशोऽध्यायः

संख्यानं परमाणूनां कालेन क्रियते मया।

न तथा मे विभूतीनां सृजतोऽण्डानि कोटिशः॥ ३९

saṃkhyānaṃ paramāṇūnāṃ kālena kriyate mayā|

na tathā me vibhūtīnāṃ sṛjato'ṇḍāni koṭiśaḥ|| 39

अर्थ

यदि मैं गिनने लगूँ तो किसी समय परमाणुओंकी गणना तो कर सकता हूँ, परन्तु अपनी विभूतियोंकी गणना नहीं कर सकता। क्योंकि जब मेरे रचे हुए कोटि-कोटि ब्रह्माण्डोंकी भी गणना नहीं हो सकती, तब मेरी विभूतियोंकी गणना तो हो ही कैसे सकती है॥ ३९॥

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