प्रभो! महाबाहु माधव! पहले आपने हंसरूपसे अवतार ग्रहण करके ब्रह्माजीको अपने परमधर्मका उपदेश किया था॥ ३॥
पुरा किल महाबाहो धर्मं परमकं प्रभो।
यत्तेन हंसरूपेण ब्रह्मणेऽभ्यात्थ माधव॥ ३
प्रभो! महाबाहु माधव! पहले आपने हंसरूपसे अवतार ग्रहण करके ब्रह्माजीको अपने परमधर्मका उपदेश किया था॥ ३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 11.17.3 · गीताप्रेस, गोरखपुर (द्वितीय खण्ड, पृष्ठ 814) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/11/17/3/