श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.1.41

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 1 · अथ प्रथमोऽध्यायः

स्त्रीबालगोद्विजघ्नाश्‍च परदारधनादृताः।

उदितास्तमितप्राया अल्पसत्त्वाल्पकायुषः॥ ४१

strībālagodvijaghnāśca paradāradhanādṛtāḥ|

uditāstamitaprāyā alpasattvālpakāyuṣaḥ|| 41

अर्थ

ये दुष्ट लोग स्त्री, बच्चों, गौओं, ब्राह्मणोंको मारनेमें भी नहीं हिचकेंगे। दूसरेकी स्त्री और धन हथिया लेनेके लिये ये सर्वदा उत्सुक रहेंगे। न तो इन्हें बढ़ते देर लगेगी और न तो घटते। क्षणमें रुष्ट तो क्षणमें तुष्ट। इनकी शक्ति और आयु थोड़ी होगी॥ ४१॥

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