श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.10.21

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 10 · अथ दशमोऽध्यायः

सलोका लोकपालास्तान् वन्दन्त्यर्चन्त्युपासते।

अहं च भगवान् ब्रह्मा स्वयं च हरिरीश्‍वरः॥ २१

salokā lokapālāstān vandantyarcantyupāsate|

ahaṃ ca bhagavān brahmā svayaṃ ca harirīśvaraḥ|| 21

अर्थ

सारे लोक और लोकपाल ऐसे ब्राह्मणोंकी वन्दना, पूजा और उपासना किया करते हैं। केवल वे ही क्यों; मैं, भगवान् ब्रह्मा तथा स्वयं साक्षात् ईश्‍वर विष्णु भी उनकी सेवामें संल‌ग्‍न रहते हैं॥ २१॥

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