श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 12.2.25

द्वादश स्कन्ध · अध्याय 2 · अथ द्वितीयोऽध्यायः

येऽतीता वर्तमाना ये भविष्यन्ति च पार्थिवाः।

ते त उद्देशतः प्रोक्ता वंशीयाः सोमसूर्ययोः॥ २५

te ta uddeśataḥ proktā vaṃśīyāḥ somasūryayoḥ|| 25

अर्थ

परीक्षित्! चन्द्रवंश और सूर्यवंशमें जितने राजा हो गये हैं या होंगे, उन सबका मैंने संक्षेपसे वर्णन कर दिया॥ २५॥

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