ब्रह्माजीने कहा—बेटा नारद! तुमने जीवोंके प्रति करुणाके भावसे भरकर यह बहुत ही सुन्दर प्रश्न किया है; क्योंकि इससे भगवान्के गुणोंका वर्णन करनेकी प्रेरणा मुझे प्राप्त हुई है॥ ९॥✎ 1361581
सम्यक् कारुणिकस्येदं वत्स ते विचिकित्सितम्।
यदहं चोदितः सौम्य भगवद्वीर्यदर्शने॥ ९
ब्रह्माजीने कहा—बेटा नारद! तुमने जीवोंके प्रति करुणाके भावसे भरकर यह बहुत ही सुन्दर प्रश्न किया है; क्योंकि इससे भगवान्के गुणोंका वर्णन करनेकी प्रेरणा मुझे प्राप्त हुई है॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 2.5.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 200) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/2/5/9/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (2)