उनके प्रश्नसे ब्रह्माजी और भी प्रसन्न हुए। फिर उन्होंने यह दस लक्षणवाला भागवतपुराण अपने पुत्र नारदको सुनाया, जिसका स्वयं भगवान्ने उन्हें उपदेश किया था॥ ४३॥✎ 176177178179
तस्मा इदं भागवतं पुराणं दशलक्षणम्।
प्रोक्तं भगवता प्राह प्रीतः पुत्राय भूतकृत्॥ ४३
उनके प्रश्नसे ब्रह्माजी और भी प्रसन्न हुए। फिर उन्होंने यह दस लक्षणवाला भागवतपुराण अपने पुत्र नारदको सुनाया, जिसका स्वयं भगवान्ने उन्हें उपदेश किया था॥ ४३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 2.9.43 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 227) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/2/9/43/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (4)