श्रीमद्भागवत महापुराणगीताप्रेस, गोरखपुर — मुखपृष्ठ
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॥ श्रीहरिः ॥

श्लोक 2.9.43

द्वितीय स्कन्ध · अध्याय 9 · अथ नवमोऽध्यायः

तस्मा इदं भागवतं पुराणं दशलक्षणम्।

प्रोक्तं भगवता प्राह प्रीतः पुत्राय भूतकृत्॥ ४३

tasmā idaṃ bhāgavataṃ purāṇaṃ daśalakṣaṇam|

proktaṃ bhagavatā prāha prītaḥ putrāya bhūtakṛt|| 43

अर्थ

उनके प्रश्नसे ब्रह्माजी और भी प्रसन्‍न हुए। फिर उन्होंने यह दस लक्षणवाला भागवतपुराण अपने पुत्र नारदको सुनाया, जिसका स्वयं भगवान्‌ने उन्हें उपदेश किया था॥ ४३॥✎ 176 177 178 179

इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (4)
  • #176 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् ने → भगवान्‌ने
  • #177 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् की → भगवान्‌की
  • #178 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् ने → भगवान्‌ने
  • #179 शब्दोंके बीचका स्थान: भगवान् ने → भगवान्‌ने

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