॥ श्रीहरिः ॥
श्लोक 3.1.23
अन्यानि चेह द्विजदेवदेवैः
कृतानि नानायतनानि विष्णोः।
प्रत्यङ्गमुख्याङ्कितमन्दिराणि
यद्दर्शनात्कृष्णमनुस्मरन्ति ॥ २३
anyāni ceha dvijadevadevaiḥ
kṛtāni nānāyatanāni viṣṇoḥ|
pratyaṅgamukhyāṅkitamandirāṇi
yaddarśanātkṛṣṇamanusmaranti || 23
अर्थ
इनके सिवा पृथ्वीमें ब्राह्मण और देवताओंके स्थापित किये हुए जो भगवान् विष्णुके और भी अनेकों मन्दिर थे, जिनके शिखरोंपर भगवान्के प्रधान आयुध चक्रके चिह्न थे और जिनके दर्शनमात्रसे श्रीकृष्णका स्मरण हो आता था, उनका भी सेवन किया॥ २३॥