इसके पश्चात् जब भगवान्की शक्तिसे सम्पन्न ब्रह्माजीने सृष्टिके लिये संकल्प किया, तब उनके दस पुत्र और उत्पन्न हुए। उनसे लोककी बहुत वृद्धि हुई॥ २१॥✎ 25013041305
अथाभिध्यायतः सर्गं दश पुत्राः प्रजज्ञिरे।
भगवच्छक्तियुक्तस्य लोकसन्तानहेतवः॥ २१
इसके पश्चात् जब भगवान्की शक्तिसे सम्पन्न ब्रह्माजीने सृष्टिके लिये संकल्प किया, तब उनके दस पुत्र और उत्पन्न हुए। उनसे लोककी बहुत वृद्धि हुई॥ २१॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.12.21 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 288) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/12/21/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (3)