दितिने कहा—विद्वन्! मतवाला हाथी जैसे केलेके वृक्षको मसल डालता है, उसी प्रकार यह प्रसिद्ध धनुर्धर कामदेव मुझ अबलापर जोर जताकर आपके लिये मुझे बेचैन कर रहा है॥ ९॥✎ 258
एष मां त्वत्कृते विद्वन् काम आत्तशरासनः।
दुनोति दीनां विक्रम्य रम्भामिव मतङ्गजः॥ ९
दितिने कहा—विद्वन्! मतवाला हाथी जैसे केलेके वृक्षको मसल डालता है, उसी प्रकार यह प्रसिद्ध धनुर्धर कामदेव मुझ अबलापर जोर जताकर आपके लिये मुझे बेचैन कर रहा है॥ ९॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.14.9 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 299) · https://srimad-bhagavatam.vidhyamitra.com/3/14/9/इस श्लोक और इसके अर्थमें की गयी शुद्धियाँ (1)
#258 शब्दोंके बीचका स्थान: जैसेकेलेके → जैसे केलेके