प्रत्याचष्टात्मभूर्देवान् प्रीणन् रुचिरया गिरा॥ ११
sa prahasya mahābāho bhagavān śabdagocaraḥ|
pratyācaṣṭātmabhūrdevān prīṇan rucirayā girā|| 11
अर्थ
श्रीमैत्रेयजी कहते हैं—महाबाहो! देवताओंकी प्रार्थना सुनकर भगवान् ब्रह्माजी हँसे और उन्हें अपनी मधुर वाणीसे आनन्दित करते हुए कहने लगे॥ ११॥
स प्रहस्य महाबाहो भगवान् शब्दगोचरः।
प्रत्याचष्टात्मभूर्देवान् प्रीणन् रुचिरया गिरा॥ ११
श्रीमैत्रेयजी कहते हैं—महाबाहो! देवताओंकी प्रार्थना सुनकर भगवान् ब्रह्माजी हँसे और उन्हें अपनी मधुर वाणीसे आनन्दित करते हुए कहने लगे॥ ११॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.15.11 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 305) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/3/15/11/