एक बार वे भगवान् विष्णुके शुद्ध-सत्त्वमय सब लोकोंके शिरोभागमें स्थित, वैकुण्ठधाममें जा पहुँचे॥ १३॥
त एकदा भगवतो वैकुण्ठस्यामलात्मनः।
ययुर्वैकुण्ठनिलयं सर्वलोकनमस्कृतम्॥ १३
एक बार वे भगवान् विष्णुके शुद्ध-सत्त्वमय सब लोकोंके शिरोभागमें स्थित, वैकुण्ठधाममें जा पहुँचे॥ १३॥
श्रीमद्भागवत महापुराण 3.15.13 · गीताप्रेस, गोरखपुर (प्रथम खण्ड, पृष्ठ 305) · https://371ace2f.srimad-bhagavatam.pages.dev/3/15/13/